हाजीपुर, जनवरी 4 -- चेहराकलां,संवाद सूत्र। शीतलहर के साथ हाड़ कंपाने वाली बढ़ती जा रही ठंढ से आमजनों की जिंदगानी ठिठुर सी गई है। रात दिन अलाव ही ठंढ़ से बचाव का सहारा बनी है। लोंगों को घरों में दुबके रहने से चौक-चौराहे,बाजार व सड़कों पर विरानगी छाई है। वहीं पशुपालक किसानों को घोर परेशानी बढ़ गई है। पशुओं को खिलाने के हरा चारा की व्यवस्था तो छोड़िए सूखा चारा देने में परेशानी हो रही है। दुधारू पशुओं का दूध उत्पादन में भारी गिरावट देखी जाने लगी है। ऊपर से पशुओं को खुले में रहने से बचाने में झोपड़ी या कमरे में रखना घोर परेशानी उत्पन्न हो रही है। दो दिनों से धूप निकलने का नाम नही ले रही। खैर किसी तरह पुआल से लेकर लकड़ी का अलाव जलाकर लोग समय काट रहें है। चेहराकलां-04-रविवार की शाम चेहराकलां में आग तापते ग्रामीण युवक।
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