नई दिल्ली, नवम्बर 27 -- संसद के शीतकालीन सत्र के लिए सरकार ने अपने विधायी कामकाज का एजेंडा पहले ही जारी कर विपक्ष के साथ सहयोग का पहला कदम बढ़ाया है। रविवार को होने वाली सर्वदलीय बैठक में वह विपक्ष की विभिन्न मुद्दों पर चर्चाओं को लेकर भी सकारात्मक रुख अपनाएगी। हालांकि, सत्तापक्ष ने संकेत दिए हैं कि अगर विपक्ष ने पिछले सत्रों की तरह व्यवधान डालने की कोशिश की तो वह भी आक्रामक रुख अपना सकता है। संसद का शीतकालीन सत्र एक से 19 दिसंबर तक चलेगा। चार सप्ताह के इस सत्र के लिए सरकार ने दस विधेयकों का एजेंडा संसदीय बुलेटिन में जारी कर दिया है, ताकि विपक्ष के सामने पहले से ही महत्वपूर्ण विधेयकों को लेकर जानकारी हो। वह सरकार पर कामकाज न होने का आरोप न लगा सके। सूत्रों के अनुसार सरकार ने चार सप्ताह के सत्र में दो सप्ताह अपने विधायी कामकाज के लिए रखे ह...