कानपुर, जनवरी 6 -- कानपुर देहात। सर्दियों का मौसम शिशुओं के लिए बेहद नुकसान देह है। इसमें थोड़ी से लापरवाही खतरनाक हो सकती है। सर्दियों में शिशुओं को गर्म रखना और उनकी खास देखभाल करने की बेहद जरूरत होती है। नहलाने, मालिश करने व उनके देर तक भीगे रहने से उन्हें कई तरह की समस्या हो सकती है। जनपद में कड़ाके की सर्दी शिशुओं के लिए घातक बनने लगी है। पारा गिरने के साथ ही बच्चों में निमोनिया, बुखार, आदि का प्रकोप बढ़ने लगा है। सर्दी का असर बच्चों पर अिाक ही दिख रहा है। गत एक जनवरी को सर्दी लगने से हारामऊ गांव के जितेंद्र के एक साल के पुत्र बाबू की जान जा चुकी है। जबकि बड़ी संख्या में बच्चे निमोनियां आदि से पीड़ित होकर अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। मेडिकल कालेज अकबरपुर के बालरोग विशेषज्ञ डॉ.अमरचंद्रा का कहना है कि करीब 70 से 80 बच्चे प्रतिदिन निमानियां,...
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