सिद्धार्थ, फरवरी 2 -- सोहना, हिन्दुस्तान संवाद। भनवापुर क्षेत्र के बुढ़ऊ चौराहे पर आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय श्रीरामकथा के दूसरे दिन शनिवार रात कथा वाचिका कनकेश्वरी देवी ने शिव-सती चरित्र का मार्मिक वर्णन किया। इसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। उन्होंने बताया कि एक बार माता सती के पिता राजा दक्ष ने एक विशाल यज्ञ का आयोजन किया, लेकिन भगवान शिव के प्रति द्वेष भाव के कारण उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया। यह जानकर माता सती को गहरा आघात पहुंचा। उन्होंने बिना निमंत्रण के ही यज्ञ में जाने का निर्णय लिया। भगवान शिव ने उन्हें समझाया कि जहां सम्मान न हो, वहां जाना उचित नहीं होता, लेकिन पिता के मोह में माता सती यज्ञ स्थल पर पहुंच गईं। वहां राजा दक्ष ने भगवान शिव का खुलेआम अपमान किया। यह दृश्य माता सती सहन नहीं कर सकीं और उन्होंने योगाग्नि के माध्यम ...