भागलपुर, फरवरी 20 -- प्रखंड के सीमानपुर फील्ड में चल रहे श्रीराम कथा में तीसरे दिन कथावाचक पंडित नंदलाल पांडे ने शिव विवाह कथा प्रसंग की संगीतमय विस्तृत व्याख्या की। कहा कि सती माता ने भगवान हरि से शरीर त्यागते समय वर मांगा था कि यदि सच्चा प्रेम शंकर जी के चरणों में है तो यह जन्म जन्मों तक बना रहे। इसी कारण सती दूसरे जन्म में हिमाचल राजा के घर में पार्वती के रूप में जन्म ली तथा पुनः शिव को पाने के लिए जंगल में ऐसी तपस्या की कि आजतक किसी संत महात्मा ने भी ऐसी तपस्या नहीं की। अंत में शिवजी से उनका विवाह हुआ। शिव-पार्वती विवाह जैसे ही संपन्न हुआ कथा पंडाल झूम उठा।

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