सहारनपुर, जुलाई 14 -- देवबंद सिद्धपीठ श्री मंकेश्वर महादेव मंदिर में शिव महापुराण में कथाव्यास चित्रा शुक्ला दीदी ने भगवान गणेश के जन्म की लीला का वर्णन किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि माता पार्वती ने स्नान से पूर्व अपने शरीर पर लगे उबटन से एक पुतला बनाया और उसमें प्राण डालकर गणेशजी को उत्पन्न किया। कथाव्यास चित्रा दीदी ने बताया कि भगवान गणेशजी को मोदक, दूर्वा (दूब), सिंदूर और लाल रंग के फूल बहुत प्रिय हैं। भगवान गणेश को पंचामृत से स्नान कराना चाहिए। उसके बाद वस्त्र, जनऊ, चंदन, दूर्वा, अक्षत, धूप, दीप, फूल व पुष्प फल चढ़ाने चाहिए। कहा कि इसके बाद ही आरती कर अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए आशीर्वाद मांगना चाहिए। रविवार को पीडब्ल्यूडी राज्यमंत्री कुंवर बृजेश सिंह ने भी कथा का रसपान कर कथाव्यास का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान कुंवर बृजेश सिंह...
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