उरई, दिसम्बर 20 -- जालौन। नगर के लक्ष्मीनारायण मंदिर परिसर में आयोजित नव दिवसीय शिव महापुराण कथा भगवान शिव की महिमा का भावपूर्ण वर्णन साध्वी समाहिता दीदी ने किया। आयोजन के छठे दिन कथा वाचक साध्वी समाहिता दीदी ने शिव भक्तों के जीवन में भक्ति, सेवा और समर्पण के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि सच्ची भक्ति वही है जिसमें अहंकार का त्याग और मानव सेवा का भाव निहित हो। भगवान शिव अपने भक्तों की भावना को देखते हैं, न कि उनके वैभव को। शिव भक्ति से व्यक्ति के जीवन में आत्मबल और धैर्य का संचार होता है और संकट के समय भगवान शिव स्वयं मार्गदर्शन करते हैं। कथा के दौरान उन्होंने शिव पुराण में वर्णित गुरु और शिष्य परंपरा पर भी प्रकाश डाला। कथा के दौरान प्रस्तुत भजनों और संगीतमय प्रसंगों ने वातावरण को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। इस दौरान हर हर महादेव...
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