घाटशिला, फरवरी 19 -- गालूडीह। गालूडीह शिव मंदिर में भगवान शिव और माता पार्वती के शुभ विवाह के उपलक्ष्य में 'बहु भात' (भंडार) का आयोजन मंदिर परिसर में बुधवार को किया गया। इस अवसर में बहु भात में आस पास के ग्रामीण उपस्थित हुए थे और भोज का आनंद लिए। पुजारी विश्वमोहन चटर्जी ने बताया कि अध्यात्म में शिव-पार्वती का विवाह केवल दो देवताओं का मिलन नहीं, बल्कि 'पुरुष' और 'प्रकृति' के मिलन का प्रतीक माना जाता है। ऐसे आयोजनों से न केवल धार्मिक आस्था को बल मिलता है, बल्कि सामाजिक समरसता और एकजुटता भी बढ़ती है। शिव विवाह के बाद आयोजित होने वाला 'बहु भात' एक तरह से उत्सव की पूर्णता का प्रतीक है, जहां भक्त प्रसाद ग्रहण कर महादेव और माता गौरी का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। ऐसे भंडारों में समाज के हर वर्ग के लोग एक साथ बैठकर भोजन करते हैं, जो आपसी प्रेम और स...