संतकबीरनगर, फरवरी 13 -- पौली, हिन्दुस्तान संवाद। श्रीराम जानकी मार्ग पौली स्थिति बाबा कंकड़ेश्वरनाथ मंदिर परिसर में चल रहे गायत्री महायज्ञ व मानस प्रवचन में अवध धाम से आई मानस विदुषी प्रिया किशोरी ने शिव पार्वती विवाह की कथा सुनाई। उन्होंने कहा की कन्या के माता-पिता, अभिभावकों का यह धर्म है कि अपने बेटी का विवाह कन्या के गुणों के अनुरूप करें, तभी दाम्पत्य जीवन में खुशी आएगी। उन्होंने कहा कि अपने पिता के यज्ञ में देह त्याग के बाद सती जी ने हिमाचल राज के यहां पार्वती के रूप में जन्म लिया। बड़ी होने पर पार्वती की माता सुनैना अपने पति हिमाचल राज से कहती हैं कि बेटी के गुणों के अनुरूप वर खोज कर विवाह कर दीजिए। नारद मुनि के उपदेश के अनुसार मां पार्वती ने शिव जी को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या किया। भगवान शिव ने प्रकट होकर वरदान दिया। देवत...