लखीमपुरखीरी, फरवरी 3 -- कस्बे में आयोजित ऐतिहासिक धनुष यज्ञ मेला का शुभारंभ प्रथम दिन श्रद्धा, आस्था और भक्ति के वातावरण में हुआ। उद्घाटन अवसर पर बजरंगबली का विधिवत ध्वजारोहण किया गया, जिसके बाद धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला प्रारंभ हुई। मेले के पहले दिन शिव-पार्वती विवाह कथा का भावपूर्ण और मार्मिक पाठ प्रस्तुत किया गया। कथा वाचन में शंकर जी, आदित्य अवस्थी एवं नैतिक मिश्रा ने शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का सजीव एवं सुंदर वर्णन किया, जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथावाचन के दौरान बताया गया कि शिव-पार्वती विवाह की पौराणिक कथा महाकवि कालिदास की 'कुमारसंभव' तथा गोस्वामी तुलसीदास की 'रामचरितमानस' (बालकांड) में वर्णित है। कथा के अनुसार सती के पुनर्जन्म के बाद माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की। इस...