जहानाबाद, फरवरी 26 -- महाशिवरात्रि व्रत से भक्तों को मिलती है शिव कृपा मखदुमपुर, संतोष कुमार मनमोहन शिव आराधना का महापर्व प्रत्येक वर्ष फाल्गुन कृष्ण पक्ष के चतुर्दशी को मनाया जाता है। हिंदू सनातन धर्म में इस पर्व का महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। मान्यता है कि यह पर्व आदिकाल से मनाया जा रहा है। शिव पुराण एवं अन्य धर्म ग्रंथों में इस पर्व की महिमा बताई गई है। शिव महापुराण के अनुसार किसी तिथि को भगवान शिव का माता पार्वती के साथ पानी ग्रहण हुआ था। इस तरह से यह पर्व शिव और शक्ति के मिलन का प्रतीक के रूप में भी मनाया जाता है। शिवरात्रि का अर्थ होता है शिव की रात। देवताओं की आग्रह पर मानवता के कल्याण के लिए भगवान शिव ने वैराग्य त्याग कर ग्रस्त आश्रम का चुनाव किया था। जिसका वर्णन कालिदास के कुमारसंभवम् पुस्तक में भी मिलता है। पौराणिक मान्यता के अ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.