सिद्धार्थ, दिसम्बर 16 -- भनवापुर। क्षेत्र के सीएचसी सिरसिया में मंगलवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य शिविर का आयोजन हुआ। शिविर में 165 गर्भवती महिलाओं को चिकित्सीय इलाज व परामर्श दिया गया। इसमें से 20 गर्भवती महिलाओं में उच्च जोखिम के लक्षण पाए गए। 30 गर्भवती महिलाओं में खून की कमी होने से आयरन सुक्रोज की डोज दी गई। अधीक्षक डॉ.शैलेंद्र मणि ओझा ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्त चाप,मधुमेह,फीटस के बेड़े होने,गंभीर एनिमिया,प्लेसेंटा का विकृत व नीचे होने से गर्भवती महिलाओं में जान का खतरा बना रहता है,इसलिए गर्भावस्था के दौरान सोनोग्राफी व चिकित्सीय परामर्श व इलाज बहुत जरूरी है। गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में उच्च जोखिम वाले खतरे के लक्षण की पहचान जरूरी है। इससे समय से चिकित्सीय प्रबंधन स...
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