देवघर, फरवरी 15 -- देवघर। शिवरात्रि हिन्दू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक पर्व है। विशेष रूप से महाशिवरात्रि का उत्सव फाल्गुन मास कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। शिव पुराण में लिखा है कि फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी की रात्रि को शिवपूजन, व्रत, जागरण और रुद्राभिषेक का विशेष महत्व है। फाल्गुनस्य कृष्णपक्षे चतुर्दश्यां विशेषतः। शिवपूजनं तु यः कुर्यात् सर्वपापैः प्रमुच्यते॥ पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन भगवान शिव का विवाह माता पार्वती से हुआ था। कुछ ग्रंथों में यह भी उल्लेख मिलता है कि इसी रात्रि में शिवजी ने सृष्टि के कल्याण के लिए तांडव किया था। इसलिए इस रात्रि को अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है। इस संबंध में डायट जसीडीह देवघर के व्याख्याता डॉ.परशुराम तिवारी ने कहा कि इस रात्रि की महिमा के रूप में शिव पुराण में एक कथा है, ...
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