प्रयागराज, जनवरी 12 -- उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनसीजेडसीसी) में सोमवार को नाद ब्रह्म शिल्प मेले का शुभारंभ हुआ। निदेशक सुदेश शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। पहले सत्र में आयोजित कवि सम्मेलन में अभिजीत मिश्र ने वीर रस से भरी 'औरंगजेब बोला हंसकर' कविता का पाठ किया। कवयित्री पल्लवी मिश्रा ने 'देखकर एक दूजे को हम क्या रुके', वासुदेव पांडेय ने 'आज भी धमनियों में उनकी ही आग बाकी है' और आरती सिंह ने प्रभु श्रीराम व माता जानकी के आदर्शों पर केंद्रित काव्य पंक्तियां पढ़ीं। दूसरे सत्र में 'माघ मेला : सामाजिक समरसता का वैश्विक तीर्थ' विषय पर साहित्यिक संगोष्ठी हुई। मुख्य वक्ता डॉ. धनंजय चोपड़ा ने कहा कि प्रयाग का मेला हमारी सनातन संस्कृति का वैश्विक जयघोष है। डॉ. चितरंजन कुमार ने कहा कि मेला भागदौड़ से भरी जीवनशै...