प्रयागराज, दिसम्बर 4 -- उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनसीजेडसीसी) में चल रहे दस दिवसीय राष्ट्रीय शिल्प मेला के चौथे दिन सांस्कृतिक संध्या का आकर्षण देखने के लिए दर्शकों की भीड़ जुटी। मुक्ताकाशी मंच पर लोकगायिका रिद्धि पांडेय ने 'कौने रंग मोतिया' व 'रिमझिम बरसे पनिया' की ऐसी प्रस्तुति की कि श्रोता झूम उठे तो भजन गायक आशुतोष श्रीवास्तव ने 'सांसों का है आना जाना', 'मां तू कृष्णा कान्हा' की प्रस्तुति से समां बांधा। लोकगीतों के बाद मंच पर लोकनृत्य की प्रस्तुति शुरू हुई। मध्य प्रदेश से आईं सुमन परास्ते व साथी कलाकारों ने ऊर्जामयी कर्मा व रीना शैला नृत्य की प्रस्तुति की। वहीं राजस्थान की गंगा देवी व साथियों ने प्रसिद्ध तेराताली और भवाई नृत्य की प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीत लिया। राजस्थान के पारंपरिक वेशभूषा से सजी महिलाओं ने सिर पर घ...