वाराणसी, दिसम्बर 28 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। लॉ नीना के प्रभाव से प्रशांत महासागर की सतह के ठंडा होने और हिमालय क्षेत्र में समय से पहले शुरू हुई बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। तापमान में बहुत अधिक गिरावट न होने के बावजूद वातावरण में शीतलहर और गलन का असर बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस वर्ष पोलर वॉर्टेक्स भी दक्षिण की ओर खिसक गया है, जिससे हवा की दिशा बदलने के बाद भी ठंड से खास राहत नहीं मिल पा रही है। शनिवार को काशी का अधिकतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो शिमला (19.2 डिग्री) और कुल्लू (20.5 डिग्री) से भी कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 9.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः सामान्य से 6.3 और 1.3 डिग्री सेल्सियस कम रहा। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को ...
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