नई दिल्ली, दिसम्बर 6 -- अगर आप नौकरीपेशा हैं तो ये खबर आपके काम की हो सकती है। दरअसल, एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने लोकसभा में 'राइट टू डिसकनेक्ट बिल, 2025' पेश किया है। यह प्राइवेट बिल कर्मचारियों को ऑफिस समय के बाद काम से जुड़े कॉल, ईमेल या किसी भी डिजिटल कम्युनिकेशन का जवाब देने से मना करने का कानूनी अधिकार देने की मांग करता है ताकि उनका वर्क-लाइफ संतुलन सुरक्षित रह सके। सुप्रिया सुले ने लोकसभा में कहा कि डिजिटल तकनीक ने काम आसान किया है लेकिन कर्मचारियों की निजी जिंदगी पर दबाव बढ़ा है। कर्मचारी 24 घंटे उपलब्ध रहने की मजबूरी से जूझ रहे हैं। यह बिल उन्हें वर्कप्लेस के बाहर भी जीवन जीने का अधिकार देता है।क्या है इस बिल में प्रस्ताव? इस बिल के अनुसार कर्मचारियों को छुट्टियों और आधिकारिक वर्क आवर समाप्त होने के बाद किसी भी कार्य-संबंधी कॉल...