बेगुसराय, मार्च 29 -- बेगूसराय, हमारे प्रतिनिधि। शिक्षा की सार्थकता तभी पूरी मानी जाती है जो मानवता की भावना का विकास करे। शिक्षा से ही हम अपनी सोच के तरीके में बदलाव कर सकते हैं। सशक्तीकरण के लिए शिक्षा अत्यंत जरूरी है। 1960 व 1970 के दशक में हमारा देश लोगों को पेट भरने में सक्षम नहीं था। लेकिन, आज हम अनाज के मामले में आत्मनिर्भर ही नहीं हुए हैं, बल्कि दूसरे देशों में अनाज का निर्यात भी करते हैं। ऐसा हमारे भारतीय वैज्ञानिकों के रिसर्च की बदौलत हुआ। ये बातें राज्यपाल आरिफ मोहम्मद ने कहीं। वे सदर प्रखंड के मोहनपुर गांव स्थित वर्ल्ड व्यू एकेडमी के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। अपने भाषण के दौरान उन्होंने हिंदू धार्मिक ग्रंथों के संस्कृत श्लोक का जमकर उपयोग किया। लोगों को भारतीय दर्शन से अवगत कराया। अपने भाषण के क्रम में उन्होंने भारतीय शिक...
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