मुजफ्फरपुर, फरवरी 14 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। शिक्षा में डिजिटलीकरण से संस्थानों के ब्रांड की विश्वसनीयता में वृद्धि हो सकती है, क्योंकि यह वर्तमान समय में नवाचार और शिक्षण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। डिजिटलीकरण शिक्षा में मूल्यांकन को बदल देता है, जिससे विभिन्न प्रकार के प्रश्नों का प्रारूप, स्वचालित ग्रेडिंग और व्यक्तिगत शिक्षण जैसे लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं। ये बातें शनिवार को रामेश्वर महाविद्यालय में शिक्षा में डिजिटल परिवर्तन और दूरस्थ शिक्षा की भूमिका विषय पर आयोजित संगोष्ठी में नालंदा खुला विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. अभय कुमार सिंह ने कहीं। उन्होंने कहा कि डिजिटल उपकरण शिक्षकों को इंटरैक्टिव मूल्यांकन करने, ग्रेडिंग को सुव्यवस्थित करने और अनुकूलित शिक्षण रणनीतियों के लिए जानकारी जुटाने में सक्षम बनाते हैं।...