मुजफ्फरपुर, जुलाई 12 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। नई शिक्षा नीति 2020 शिक्षा को पूरी तरह बाजार और निजी हाथों में सौंपने की साजिश है। इससे गरीब, वंचित और ग्रामीण तबके के बच्चों की उच्च और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच मुश्किल हो जाएगी। यदि देश को सही मायने में शिक्षित बनाना है तो शिक्षा पर होनेवाले समस्त खर्च को सरकार द्वारा वहन किया जाना चाहिए। ये बातें शनिवार को ऑल इंडिया सेव एजुकेशन कमेटी की मुजफ्फरपुर इकाई की ओर से बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ भवन, माड़ीपुर में आयोजित एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक विमर्श में मुख्य वक्ता महासचिव प्रो. तरुण कान्ति नस्कर ने कही। डॉ. हरेराम महतो ने सरकारी स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में संसाधनों की भारी कमी और उनकी बदहाली के लिए सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। विवि जंतु विज्ञान विभाग के पूर्व प्राध...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.