कन्नौज, फरवरी 11 -- कन्नौज। जिले के 1459 परिषदीय विद्यालयों में तैनात करीब 1800 शिक्षामित्रों को इस बार के राज्य बजट से बड़ी निराशा हाथ लगी है। लंबे समय से मानदेय वृद्धि और चिकित्सा सुविधा की मांग कर रहे शिक्षामित्रों को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री की 5 सितंबर की घोषणा के बाद बजट में उनके लिए ठोस प्रावधान किया जाएगा। लेकिन बजट में न तो मानदेय बढ़ाने का कोई उल्लेख हुआ और न ही स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए अलग से कोई व्यवस्था की गई। जिले में शिक्षामित्र प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं। ग्रामीण अंचलों के स्कूलों में बच्चों की नियमित पढ़ाई, नामांकन और शैक्षिक गतिविधियों की जिम्मेदारी बड़ी संख्या में इन्हीं के कंधों पर है। जिले के शिक्षामित्रों को विशेष रूप से उम्मीद थी कि इस बार उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी, जिससे बढ़ती महंगाई के बीच परि...