संभल, फरवरी 15 -- उत्तर प्रदेश में परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य करने वाले शिक्षामित्रों की स्थिति दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। एक समय था जब समायोजन के दौरान उन्हें वेतन और सुविधाओं में वृद्धि की उम्मीद जगी थी, लेकिन समायोजन रद्द होने के बाद उनकी स्थिति फिर से दयनीय हो गई। जिसकों लेकर शिक्षामित्र काफी परेशान हैं। इसको लेकर कई बाद आंदोलन भी किए गए, लेकिन नतीजा शून्य है। आज शिक्षामित्रों को मात्र 10 हजार रुपये मासिक मानदेय मिलता है, जो महंगाई के इस दौर में जीविका चलाने के लिए अपर्याप्त है। इसके बावजूद उन्हें आयुष्मान योजना का लाभ नहीं मिलता, न ही उनके लिए ईएसआई (कर्मचारी राज्य बीमा योजना) की सुविधा लागू है। इतना ही नहीं, अब तो राशन कार्ड भी नहीं बनाए जा रहे। जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और ज्यादा खराब हो गई है। शिक्षामित्रों को वर्ष में...
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