गिरडीह, अप्रैल 22 -- गिरिडीह। शिक्षक की नौकरी छोड़कर समाज सेवा में आए तिलकधारी सिंह ने मुखिया से लेकर सांसद तक सफर तय किया। वे कई पदों पर रहे और सभी पदों का दायित्व निष्ठा के साथ निभाई। वे सादगी की मिसाल थे। स्वभाव के धनी तिलकधारी सिंह का सम्मान विरोधी दल के लोग भी करते थे। बता दें कि तिलकधारी सिंह देवरी प्रखंड के हरियाडीह पंचायत से पहली बार मुखिया बने। इसके बाद प्रखंड प्रमुख, जिला परिषद अध्यक्ष बने। वे उत्तरी छोटानागपुर स्वशासी विकास प्राधिकार का उपाध्यक्ष बने। उस समय बिहार और झारखंड एक था। कांग्रेस पार्टी में वे झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुशासन समिति के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। इसके अलावा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष और जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी रहे। दो बार सांसद और एक बार विधायक बने: तिलकधारी सिंह कोडरमा से दो बार सांस...
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