हरिद्वार, नवम्बर 28 -- हरिद्वार। महाकुंभ 2025 से शाही स्नान को अमृत स्नान कहा जाने लगा है। पहला अमृत स्नान 14 जनवरी 2025 को मकर संक्रांति के दिन हुआ था। साधु-संतों और अखाड़ों की मांग पर यह बदलाव किया गया। 'शाही स्नान' शब्द मुगल काल से जुड़ा था, जबकि 'अमृत स्नान' का उल्लेख प्राचीन धर्मग्रंथों में मिलता है। इसी कारण अब शाही स्नान को अमृत स्नान का नाम दिया गया है।

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