वाराणसी, जनवरी 12 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। रंगकर्मी डॉ.राजेंद्र उपाध्याय के निधन के साथ ही देश में हिंदी और शास्त्रीय रंग परंपरा के एक युग अवसान हो गया। उनका जाना रंगक्षेत्र की बहुत बड़ी क्षति है। ये बातें काशी के स्थापित और उदीयमान रंगकर्मियों ने कहीं। वे रविवार को बनारस यूथ थिएटर के कालभैरव स्थित कार्यालय में शोकसभा के लिए जुटे थे। रंगसेवियों ने निश्चय किया कि डॉ.उपाध्याय को श्रद्धांजलि स्वरूप उनके एक नाटक का मंचन प्रथम पुण्यतिथि पर किया जाएगा। शोक सभा में संस्कृति भारती तथा रंग प्रयोग नाट्य संस्थानम् के पदाधिकारीयों, सदस्यों एवं कलाकारों ने डॉ.उपाध्याय से जुड़े अनुभव साझा किए। पार्थिव ट्रस्ट के सत्यम सिंह ने बताया कि डॉ.उपाध्याय की स्मृति में रविवार की रात कंबल वितरण भी किया गया। संस्कृति भारती के अध्यक्ष डॉ.उपेंद्र विनायक सहस्रबुद...