वाराणसी, अक्टूबर 31 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। बीएचयू के संस्कृत विद्या धर्मविज्ञान संकाय में आयोजित 'अखिल भारतीय शास्त्रार्थ सभा' के दूसरे दिन विद्वानों ने विभिन्न विषयों पर शास्त्रार्थ किया। मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने भारत की प्राचीन शास्त्रार्थ परम्परा पर प्रकाश डाला। आद्य शंकराचार्य के साथ शास्त्रार्थ करने वाली मण्डन मिश्र की पत्नी विदुषी भारती का स्मरण करते हुए मातृशक्ति को भी इसमें बढ़-चढ़ कर भाग लेने का आह्वान किया। कुलपति ने संकाय की प्राचीन गौरवपूर्ण उपलब्धियों की चर्चा भी की। उन्होंने संकाय से सम्बद्ध पं. रामावतार शर्मा, पं. बालशास्त्री, पं. चिन्नास्वामी, पं. जयदेव मिश्र, पं. रामचन्द्र शास्त्री जैसे मनीषियों का स्मरण किया और कहा कि महामना की इच्छा थी कि यह भारतीय विलक्षण शास्त्रार्थ परम...
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