शामली, नवम्बर 2 -- नगर में चल रही कार्तिक मास कथा में कथा व्यास ने कार्तिक मास की प्रबोधिनी एकादशी के दिन तुलसी विवाह का प्रसंग बताया, जिसमे भगवान विष्णु के स्वरूप शालिग्राम का विवाह देवी वृंदा (तुलसी) से कराया जाता है। इस दौरान तुलसी विवाह पूरी श्रद्धाा व हर्षोल्लास से कराया गया। जलालाबाद के सनातन सतसंग भवन मे चल रही कार्तिक मास कथा मे तुलसी विवाह का आयोजन किया गया इस दौरान प्रातः पांच बजे बडी संख्या मे श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुचे एवं पूरी श्रद्धा के साथ तुलसी आयोजन मे भाग लिया। कथा व्यास ने बताया कि देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु चार माह के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं और फिर कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी यानी देवउठनी एकादशी के दिन योग निद्रा से जागते हैं। भगवान विष्णु के योग निद्रा से जागने के बाद ही मांगलिक कार्यों की शुर...