पीलीभीत, जनवरी 5 -- पूरनपुर। शारदा नदी के तट पर संत महात्माओं ने धूनी रमा ली है। सुबह ब्रम्ह मुहूर्त में स्नान किया जाता है। एक महीने तक नदी की कलकल के साथ भजन कीर्तन का सुर मिलेगा। अध्यात्म के गूढ़ बिषयों पर चर्चाएं होंगी। हाड़ कंपा देने वाली सर्दी भी संतों के तप के आगे कमजोर पड़ जाती है। नदी के तट पर एक महीने तक संतों का कल्पवास रहेगा। माघ महीने में नदियों में स्नान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है। शारदा नदी के धनाराघाट पर माघ महीने में साधू संत एक महीने तक हर साल कल्पवास करते हैं। इस बार भी घास फूस की झोपड़ी डालकर कल्पवास के लिए रामनगरिया बस गई है। इस बार पीलीभीत के अलवा, बरेली और शाहजहंापुर के संत महात्माओं की लगभग पचास झोपड़ी डाली गई हैं। इनमें दिन पर धूनी सुलगती रहती है। इस दौरान हरमोनियम, ढोलक और मंजीरे के साथ भजन कीर्तन किए जाते ह...
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