भागलपुर, अगस्त 29 -- भागलपुर, वरीय संवाददाता। अंजुमन बाग व बहार बरहपुरा भागलपुर के बैनर तले जौसर अयाग की अध्यक्षता में गुरुवार को उर्दू के पहले ज्ञानपीठ अवार्ड याफ्ता शायर फिराक गोरखपुरी की जयंती मनाई गई। अंजुमन के महासचिव डॉ. मो. परवेज ने कहा के रघुपति सहाय फिराक गोरखपुरी आसमान ए अदब के दरख्शां सितारा थे। उन्होंने जदीद उर्दू गजल वशायरी के लफ्ज में सदा सुहागिन हिन्दुस्तान की धरती रक्श करती नजर आती है। 28 अगस्त 1896 ईस्वी को गोरखपुर उत्तर प्रदेश में उनका जन्म हुआ था। वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अंग्रेजी के प्रोफेसर थे। उनकी पुस्तकों में गुले नगमा, रूहे कायनात, नगमा नुमा, गजल, पिछली रात धरती की करवट, रूप, अन्दाजे, उर्दू गजल गोई, मन आनम हैं। उन्हें कई अवार्ड भी मिले। इनमें साहित्य अकाडमी अवार्ड, गालिब अवार्ड, पद्म भूषण हैं। इस मौके पर मो. ...