उरई, जनवरी 21 -- कोंच। शाबान का चांद 29 रजब मंगल को नजर नहीं आया। इसलिए शाबान की पहली तारीख 22 जनवरी जुमेरात को और 14 शाबान उल मुअज्जम यानी शबे बारात 3 फरवरी मंगल को होगी। इस बात की जानकारी देते हुए तंजीम गुलामाने मुस्तफा सोसायटी के सदर हाफिज अताउल्ला खां ग़ौरी ने दी। उन्होंने बताया कि शब- बारात गुनाहों से निजात की रात है अल्लाह से अपने गुनाहों से माफी मांगी जाती। इस रात में सच्चे दिल से तौबा करने बाले को रब माफ कर देता। इस रात में मस्जिदों, दरगाहों, कब्रिस्तानो में खास चहल - पहल रहती है। इस रात को इबादत का खास एहतमाम होता है। इसके अलाबा दुनिया से विदा हो चुके पूर्वजों की कब्रों पर जाकर उनके हक में दुआएँ की जाती हैं व दूसरे दिन 15 शाबन को रोजा रखा जाता है। जिसकी बड़ी फजीलत है। उन्होंने ने प्रशासन से मांग की है कि बिना कटौती पूरी रात विधुत स...