गोरखपुर, जनवरी 19 -- गोरखपुर। इस्लामी माह शाबान का चांद सोमवार को नजर नहीं आने पर बुधवार से माह-ए-शाबान की शुरुआत होगी। शाबान की 15वीं रात को मनाई जाने वाली शब-ए-बारात इस बार 3 फरवरी को मनाई जाएगी। यह रात दुआ, इबादत और अल्लाह से माफी मांगने की मानी जाती है। हाफिज रहमत अली निजामी ने बताया कि शाबान इस्लाम धर्म का आठवां महीना है। इसके बाद पवित्र रमजान का महीना आता है। शब-ए-बरात के मौके पर शहर की मस्जिदों, दरगाहों और कब्रिस्तानों में साफ-सफाई और सजावट की जाएगी। मौलाना महमूद रजा कादरी और कारी मुहम्मद अनस रजवी ने बताया कि शब-ए-बारात को छुटकारे या निजात की रात कहा जाता है।

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