बागपत, जनवरी 7 -- अमीनगर सराय। जैन साध्वी आर्यिका पूर्णमति माताजी ने कहा है कि मानव जीवन क्षणभंगुर है इसे पाकर व्यर्थ खोने वाले महामूर्ख हैं। जैन साध्वी बुधवार सुबह श्वेतांबर जैन स्थानक में उपस्थित श्रद्धालुओं के समक्ष धर्म उपदेश कर रही थी। उन्होंने कहा कि 84 लाख योनियों में भटकने के बाद बड़ी मुश्किल से मनुष्य जीवन मिलता है फिर भी नादान मनुष्य इसकी कीमत नहीं समझ कर इस संसार की व्यर्थ बातों में फंसकर जीवन को व्यर्थ ही खत्म कर देते हैं। चारों ओर अन्याय-अत्याचार और हिंसा का बोलबाला है। शाकाहारी भोजन हमारे देश की प्राचीन परंपरा एवं सभ्यता रही है किंतु आज का मानव अपनी जिभ्या के स्वाद के लिए पशुओं की हत्या कर उनका मांस भक्षण कर रहा है लोगों से जीवन में शाकाहार को अपनाकर सत्य, अहिंसा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। इस दौरान काफी संख्या में श्रद्...