सहारनपुर, जनवरी 21 -- सरसावा क्षेत्र के कौशिक विहार निवासी अशोक राठी अपने शांत और सरल स्वभाव के कारण इलाके जाने जाते थे। वह कम बोलने वाले जरूर थे, लेकिन उनकी वाणी में मधुरता और व्यवहार में अपनापन साफ झलकता था। पड़ोसियों के अनुसार अशोक राठी से जब भी मुलाकात होती, वह मुस्कराते हुए 'राम-राम' कहकर ही बात करते थे। किसी से उनका विवाद नहीं रहा और हर व्यक्ति के सुख-दुख में वह चुपचाप साथ खड़े नजर आते थे। उनके मित्रों का कहना है कि अशोक राठी डरपोक नहीं थे, बल्कि बेहद मजबूत थे। रिश्तों को महत्व देते थे, लेकिन लोग इस दुखद पहलु को देखकर भी हैरान हैं। अशोक राठी के चचेरे भाई जितेंद्र राठी का कहना है कि उनकी किसी से रंजिश नहीं है। अशोक राठी का व्यवहार सबसे के साथ अच्छा था, लेकिन उनके भाई इतना भयानक कदम क्यों उठाया है, इस बात को सोचकर भी वह भी हैरान है। इ...