बिजनौर, फरवरी 4 -- शब-ए-बारात की मुबारक रात की बरकतों से फैज़याब होने के लिए ऐतिहासिक जामा मस्जिद चाहशीरी में नमाज़-ए-इशा के बाद एक अजीमुश्शान इजलास-ए-आम का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत कर रूहानी सुकून हासिल किया। मंगलवार की रात आयोजित जलसे शब-ए-बारात और इस्लाह-ए-मुआशिरा (समाज सुधार) के विषय पर केंद्रित रहा। उलेमा-ए-कराम ने अपने प्रभावशाली और रूह-परवर बयानों से लोगों को दीन की राह पर चलने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम की शुरुआत कारी फैज़ान कासमी की कुरआन-ए-पाक की खूबसूरत तिलावत से हुई। इसके बाद कारी मोहम्मद जमशेद ने नात-ए-पाक पेश कर माहौल को रूहानी रंग में रंग दिया। कार्यक्रम की निगरानी मुफ्ती वकार ने की, जबकि सदरत कारी हन्नान ने की। कार्यक्रम जामा मस्जिद के इमाम व खतीब कारी वारिस के नेतृत्व में आयोजित किया गया। जलस...