मुजफ्फरपुर, सितम्बर 12 -- मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। सर्वोदय ग्राम खादी ग्रामोद्योग परिसर में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ के चौथे दिन गुरुवार को कथावाचक छोटे बापू ने कहा कि मानव जीवन में सुख और शांति प्राप्त करने के लिए धर्मानुकूल आचरण करना आवश्यक है। उन्होंने समझाया कि मन, वचन और व्यवहार से किसी का बुरा सोचने या करनेवाला व्यक्ति कभी सुख-शांति प्राप्त नहीं कर सकता। उन्होंने धर्मराज युधिष्ठिर का उदाहरण देते हुए कहा कि महाभारत युद्ध के बाद हस्तिनापुर का सिंहासन पाकर भी युधिष्ठिर दुःखी रहे, क्योंकि अपनों के वध और असंख्य जनहानि की पीड़ा उन्हें सताती रही। भगवान श्रीकृष्ण और भीष्म पितामह ने उन्हें धर्म, दान, मोक्ष, स्त्री धर्म, राजधर्म तथा भागवत धर्म का महत्व समझाया। छोटे बापू ने कहा कि जो कुछ हमें प्राप्त है, उसका उपयोग केवल ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.