वाराणसी, मार्च 21 -- वाराणसी। वरिष्ठ संवाददाता शहर में अब कोल्ड फॉगिंग कराई जाएगी। इसमें केमिकल के साथ डीजल का उपयोग नहीं होने से धुंआ नहीं होगा। पानी के साथ केमिकल को मिलाकर छिड़काव किया जाएगा। गुरुवार को नगर निगम मुख्यालय परिसर में स्वास्थ्य विभाग और निगम प्रशासन ने इसका परीक्षण किया। स्वास्थ्य विभाग इसका प्रयोग जल्द ही अस्पतालों में भी करेगा। नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने कहा कि पहले चरण में मच्छरों से ज्यादा प्रभावित वार्डों में इसका प्रयोग होगा। जिला मलेरिया अधिकारी शरतचंद्र पाण्डेय ने कहा कि कोल्ड फॉगिंग में कीटनाशक का प्रयोग पानी के साथ किया जाता है। इसमें धुएं की जगह मिस्ट बनते हैं। उन्होंने कहा कि कोल्ड फॉगिंग से प्रदूषण भी नहीं होता और लोगों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। इसमें डेल्टामेथ्रिन (दो फीसदी) का प्रयोग होता है...
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