एटा, अक्टूबर 31 -- शहर के मुख्य मार्गों, बाजारों और कॉलोनियों में निराश्रित गोवंशों का डेरा बढ़ता जा रहा है, जिसने शहर की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शीत ऋतु की शुरुआत होने के बाद भी बेसहारा गोवंशों के संरक्षण के लिए संबंधित विभाग कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। शहर के बाजारों और मुख्य मार्गों पर झुंड के झुंड गोवंश बैठे या घूमते नजर आ रहे हैं। विशेषकर भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में इनके जमावड़े से यातायात प्रभावित हो रहा है। सड़कों के बीचोबीच बैठे रहने या अचानक भागने के कारण राहगीरों, खासकर दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को सर्वाधिक असुविधा हो रही है। रात के अंधेरे में या कोहरे के दौरान गोवंश सड़क दुर्घटनाओं का कारण बनते रहते हैं। इनमें कई बार लोग घायल हो चुके हैं। सब्जी मंडियों में इनके विचरण से साफ-सफाई पर बुरा असर पड़ रहा है और...
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