दरभंगा, दिसम्बर 15 -- दरभंगा शहर में आवारा पशुओं की समस्या आम लोगों और नगर निगम के जनप्रतिनिधियों के लिए सिरदर्द बन चुकी है। पार्षद प्रतिनिधियों का कहना है कि नगर निगम केवल कागजों पर योजनाएं बनाता है, जबकि धरातल पर स्थिति बदतर है। सड़कों पर बैठे पशु यातायात बाधित करते हैं और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ाते हैं। मृत पशुओं के निस्तारण की व्यवस्था नहीं होने से बदबू और संक्रमण का खतरा बना रहता है। प्रतिनिधियों की मांग है कि पुरानी 'फाटक वाली व्यवस्था' को बहाल किया जाए और शेल्टर होम या गौशाला की व्यवस्था की जाए, जिससे समस्या का स्थायी समाधान हो सके। लोगों ने इसके लिए अधिकारियों से आवश्यक पहल करने की मांग की है। शहर में आवारा पशुओं की समस्या अब आम लोगों तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि यह नगर निगम के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए भी सिरदर्द बन चुकी है। ...