सिमडेगा, अगस्त 28 -- सिमडेगा, जिला प्रतिनिधि। शहर में बने मॉड्यूलर टॉयलेट अब धीरे-धीरे बेकार साबित होते जा रहे हैं। नगर परिषद द्वारा 11 जगहों पर बनाए गए इन शौचालयों में से महज़ तीन से चार ही उपयोग में लाए जाते हैं। कई टॉयलेटों के दरवाज़े टूटे पड़े हैं तो कई की स्थिति इतनी गंदी रहती है कि लोग उनका इस्तेमाल करना ही पसंद नहीं करते। शहर के अल्बर्ट एक्का स्टेडियम, झूलन सिंह चौक, अस्पताल परिसर, नीचे बाजार, एस्ट्रोटर्फ स्टेडियम, बाजारटांड़ और टैक्सी स्टैंड के पास टॉयलेट बनाए गए हैं। लेकिन इसकी हालत बेहद दयनीय है। नगर परिषद एवं लोगों की लापरवाही के साथ मॉड्यूलर टॉयलेट में पानी की कमी के कारण उपयोगिता खत्म हो गई। सीटी मैनेजर आकाश डेविड सिंह ने बताया कि एक मॉड्यूलर टॉयलेट बनाने में लगभग 2.30 लाख रुपये खर्च हुए थे। पहले इनका संचालन सुलभ इंटरनेशनल को...