कोडरमा, फरवरी 12 -- कोडरमा, वरीय संवाददाता। कोडरमा के निकाय चुनाव में इस बार माहौल साफ तौर पर "स्थानीय बनाम दावे" वाला दिख रहा है। जनता के बीच सबसे ज्यादा चर्चा तीनों निकायों के शहर की बुनियादी सुविधाओं को लेकर है। मसलन पानी की किल्लत, टूटी सड़कें, जाम नालियां, गंदगी और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी। नगर परिषद और नगर पंचायत की योजनाओं में कथित लूट-खसोट और कुप्रबंधन भी लोगों की नाराजगी का बड़ा कारण बन रहा है। नगर परिषद के अधिकारी जहां सड़क, बिजली और विभिन्न सरकारी योजनाओं को अपनी उपलब्धि के रूप में गिना रहे हैं, वहीं शहरवासी इन दावों पर सवाल उठाते हुए जमीनी हकीकत का हवाला दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि कागजों पर योजनाएं पूरी दिखती हैं, लेकिन धरातल पर समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। राजनीतिक दृष्टिकोण से देखें तो भाजपा और झामुमो दोनों दलों ने तीन...