लखनऊ, जनवरी 29 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता राज्य सरकार ने यूपी में 25 साल पुराने भवनों और तीन साल से बंद पड़े उद्योगों को तोड़ कर उसके स्थान पर हाउसिंग सोसायटी बसाने या फिर अपार्टमेंट बनाने की अनुमति देने का फैसला किया है। इसके लिए न्यूनतम 2000 वर्ग मीटर भूमि चाहिए। ऐसी भूमि पर नक्शा पास कराने के लिए विकास शुल्क में 50 और प्रभाव शुल्क में 25 प्रतिशत तक छूट मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला हुआ। इसके लिए उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति-2026 को मंजूरी दी गई। इससे शहरी क्षेत्रों में रियल स्टेट क्षेत्र में निर्माण कार्य बढ़ेंगे और रोजगार के द्वार भी खुलेंगे। एकल आवासीय या एकल भवन इस नीति के दायरे में नहीं आएंगे। लीज पर आवंटित भूमि जैसे नजूल भूमि, इंप्रूवमेंट ट्रस्ट और अन्य शासकीय भू...
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