नई दिल्ली, जनवरी 6 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। एनजीटी ने एक मामले में पेश नहीं होने पर केंद्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। एनजीटी ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ उनकी सभी संस्थाओं पर पर्यावरणीय नियमों का पालन सुनिश्चित करने की संवैधानिक और कानूनी जिम्मेदारी है। यह मामला उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में बनाए जा रहे एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से जुड़ा है। इससे पहले एनजीटी ने इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार, शहरी विकास मंत्रालय और जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनर्जीवन मंत्रालय को नोटिस जारी किए थे। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य ए. सेंथिल वेल की पीठ ने पाया कि नोटिस की विधिवत तामील के बावजूद शहरी विकास मंत्रालय की ओर से कोई ...
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