बस्ती, फरवरी 6 -- बस्ती। पंचांग के अनुसार बीते 52 दिनों से अस्त चल रहे शुक्र ग्रह के उदित होने के साथ ही जनपद में वैवाहिक आयोजनों और मांगलिक कार्यों की रौनक लौट आई है। एक फरवरी को शुक्र उदय होने के बाद तीन फरवरी से शादियों का सिलसिला शुरू हो गया है, हालांकि ज्योतिषीय गणना के अनुसार कई आचार्य पांच फरवरी से ही विवाह के सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त की शुरुआत मान रहे हैं। बुधवार को शहर के विभिन्न मैरिज हॉलों और गांवों में कई शादियां धूमधाम से संपन्न हुईं। आचार्य ओमप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य, विशेषकर विवाह के लिए गुरु (बृहस्पति) और शुक्र दोनों ग्रहों का उदित अवस्था में होना अनिवार्य है। बीते 12 दिसंबर से शुक्र के अस्त होने के कारण मांगलिक कार्यों पर विराम लगा हुआ था। अब सूर्य के मकर राशि में आगमन और शुक्र के उदय होने ...
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