फरीदाबाद, जनवरी 13 -- नूंह। हरियाणा सरकार ने मधुमक्खी पालकों को बड़ी राहत दी है। भावांतर भरपाई योजना के तहत शहद का संरक्षित मूल्य तय किया गया है। इससे बाजार के उतार-चढ़ाव का असर कम होगा और आय सुरक्षित रहेगी। मंगलवार को जारी बयान में उपायुक्त अखिल पिलानी ने यह जनकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने शहद का संरक्षित मूल्य 120 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया है। इससे मधुमक्खी पालकों को उनके उत्पाद का उचित दाम मिलेगा और नुकसान की भरपाई हो सकेगी। उन्होंने कहा कि मधुमक्खी पालन किसानों के लिए आय का मजबूत अतिरिक्त साधन बन रहा है। उपायुक्त ने बताया कि मधुमक्खी पालन से केवल शहद उत्पादन ही नहीं बढ़ता, बल्कि परागण के कारण फसलों की पैदावार में भी बढ़ोतरी होती है। इससे किसानों की कुल आय में इजाफा होता है और कृषि अधिक लाभकारी बनती है। सरकार की यह योज...