फतेहपुर, दिसम्बर 30 -- छिवलहा। डेढ़ दशक पूर्व निर्मित शवदाह गृह में ईंटो के सहारें टंगे चैंबर से लाशों का अंतिम संस्कार आसान नहीं है। ऐसे चैंबरो में शवों में आग लगने पर अपशगुन और अनहोनी बनी रहती है। वर्षो से ग्रामीण अव्यवस्थाओं में अंतिम संस्कार को मजबूर होते है। पूर्व सांसद की निधि से निर्मित केंद्र बदहाली का शिकार हो गया है। क्षेत्र के गंगा नदी किनारे स्थित कोतला गांव में वर्ष 2008-09 में पूर्व सांसद राकेश सचान ने निधि से शवशान घाट का निर्माण कराया था। गंगा नदी किनारे केंद्र होने से अंतिम संस्कार के लिए भटकने की निजात और क्षेत्रीय ग्रामीणों को कुछ ही दिन की सहुलियत मिली। वर्षो से शवदाह केंद्र जर्जर हालात में पड़ा है। शवों को जलाने के लिए बने चार चैंबर ईंटों के सहारें लटके है। शवों में आग लगाने के बाद ईंटो के खिसकने और लाश गिरने से अपशगु...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.