नई दिल्ली, सितम्बर 17 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि बैंक की एकमुश्त समाधान (ओटीएस) योजना का लाभ उठाना उधारकर्ता (कर्ज लेने वाला) का अधिकार नहीं है, खासकर तब जब पूर्व शर्तों के मुताबिक समय से मासिक किस्त (ईएमआई) का पालन न किया हो। शीर्ष अदालत ने कहा है कि भले ही कोई उधारकर्ता ओटीएस लाभ उठाने के लिए योग्य हो, लेकिन जब तक इस योजना में निर्धारित शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक उसे लाभ प्राप्त करने का कोई निहित अधिकार नहीं है। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और एजी मसीह की पीठ ने आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के फैसले को रद्द करते हुए यह फैसला दिया है, जिसमें एसबीआई को प्रतिवादियों की पिछली चूक और ओटीएस का दावा करने के लिए अग्रिम भुगतान करने में विफलता पर विचार किए बिना प्रतिवादी ओटीएस के प्रस्ताव पर पुनर्व...
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