नई दिल्ली, दिसम्बर 14 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। प्रदूषण के कारण दिल्ली की आबोहवा सांस लेने लायक नहीं है। डॉक्टर बताते हैं कि प्रदूषण के दुष्प्रभाव से आंखों में जलन, त्वचा पर एलर्जी, सिर में दर्द, खांसी जुकाम जैसी बीमारियां तो होती ही हैं, प्रदूषण शरीर के हर हिस्से को प्रभावित करता है और इसका दीर्घकालिक प्रभाव ज्यादा घातक साबित होता है। प्रदूषण मानसिक बीमारियों व बच्चों में ऑटिज्म का भी कारण बन रहा है। सफदरजंग अस्पताल के प्रिवेंटिव कम्युनिटी मेडिसिन के निदेशक डॉ. जुगल किशोर ने बताया कि प्रदूषण बढ़ने पर वातावरण में पीएम 2.5, इससे भी छोटे सूक्ष्म कण, नाइट्रस ऑक्साइड व सल्फर ऑक्साइड का स्तर बढ़ जाता है। इसके अलावा भारी तत्व (हेवी मेटल) भी होते हैं। पीएम 2.5 और इससे छोटे सूक्ष्म कण सांस के जरिये फेफड़ में और फिर खून के साथ मिलकर शरीर के ...