गोड्डा, अक्टूबर 6 -- मेहरमा, एक संवाददाता: सोमवार को प्रखंड क्षेत्र में शरद पूर्णिमा धूमधाम से भक्ति एवं निष्ठा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर लोगों ने विशेष पूजा पाठ भी की। सनातन परंपरा में प्रत्येक त्यौहार मनाने के पीछे एक महत्वपूर्ण कारण होता है। फिर चाहे वह कारण ज्योतिष आधारित हो, धर्म पर आधारित हो या फिर वैज्ञानिक कारण, ऐसे ही शारदीय नवरात्र के बाद शरद पूर्णिमा मनाने का भी एक बेहद खास कारण है। ज्ञात हो कि शरद पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। मान्यताओं के अनुसार शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा अपनी पूर्ण 16 कलाओं के साथ होता है, और शरद पूर्णिमा की रात निकलने वाली चांद की किरणें अमृत के समान मानी जाती हैं। इसलिए इस दिन खीर बनाकर चांद की रोशनी में रखी जाती है। ऐसा माना जाता है कि इस खीर में चंद्रमा का अमृत उतरता है। प्रसा...
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