नई दिल्ली, अक्टूबर 4 -- हिंदू धर्म में पूर्णिमा का दिन विशेष माना जाता है और साल के हर महीने में एक पूर्णिमा तिथि होती है। इनमें से अश्विन महीने की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहा जाता है। शरद पूर्णिमा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसे स्वास्थ्य, समृद्धि और सुख-शांति के लिए भी अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और चंद्रमा की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन की गई पूजा और व्रत से आध्यात्मिक और भौतिक दोनों प्रकार के लाभ मिलते हैं। शरद पूर्णिमा की खास परंपरा यह है कि रात को खुले आसमान के नीचे खीर रखी जाती है, जिससे उसमें चंद्रमा की किरणें पड़ती हैं। इसे अगले दिन खाकर स्वास्थ्य, दीर्घायु और सौभाग्य की कामना की जाती है।शरद पूर्णिमा 2025 की तिथि इस साल शरद पूर्णिमा 6 अक्टूबर 2025 को मनाई जाएगी। प...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.