गया, अक्टूबर 6 -- आश्विन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा यानी शरद पूर्णिमा सोमवार से लेकर मंगलवार की सुबह तक है। दो दिन पूर्णिमा होने के कारण शरद पूर्णिमा यानी सोमवार की रात खुले में आराध्य देव की स्थापना कर श्रद्धालुओं ने खाजा, दूध, खीर, सिंघाड़ा सहित अन्य सफेद वस्तुओं (प्रसाद के रूप में) का भोग लगाया। उदयातिथि को लेकर व्रत का स्नान-दान व पूजा मंगलवार की सुबह होगी। पूर्णिमा पर पूजा के लिए विष्णुपद मंदिर में भीड़ होगी। यहां विष्णुचरण के साथ ही माता धनलक्ष्मी की पूजा करने के लिए शहर के अलावा ग्रामीण इलाकों से भी श्रद्धालु आएंगे। आचार्य नवीनचंद्र मिश्र वैदिक ने बताया कि पूर्णिमा सोमवार की सुबह करीब 11 बजे से शुरू होकर मंगलवार की सुबह 9 बजे तक है। सोमवार की रात शीतल चांदनी रात में खुले दूध-खाजा व खीर आदि रखकर भगवान का भोग लगाया गया। व्रत की आराधना उदयातिथ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.